Raja Vidya Raja Guhya Yoga
राजविद्या राजगुह्य योग
अहं क्रतुरहं यज्ञः स्वधाहमहमौषधम्। मन्त्रोऽहमहमेवाज्यमहमग्निरहं हुतम्॥ 9:16॥
अहम् क्रतुः, अहम् यज्ञः, स्वधा अहम्, अहम् औषधम्, मन्त्रः अहम्, अहम् एव आज्यम्, अहम् अग्निः, अहम् हुतम्।
क्रतुः (बलि) अहम् (मैं), यज्ञः (यज्ञ) अहम् (मैं), स्वधा (स्वधा) अहम् (मैं), औषधम् (औषधि) अहम् (मैं), मन्त्रः (मंत्र) अहम् (मैं), आज्यम् (घी) अहम् (मैं), अग्निः (आग) अहम् (मैं), हुतम् (हवन का पदार्थ) एव (ही)।
Hindi
वैदिक यज्ञ-बलि मैं हूँ, वैदिक यज्ञ मैं हूँ, स्वधा अर्थात यज्ञ में अर्पण किया जाने वाला अन्न मैं हूँ, वनस्पति से उत्पन्न औषधि मैं हूँ, {यज्ञ में हवन करते समय पढ़े जाने वाले} मंत्र मैं हूँ, {हवन में छोड़े जाने वाला} घृत मैं हूँ, {हवन की} अग्नि मैं हूँ, और अग्नि में छोड़ी हुई आहुति भी मैं ही हूँ।
English
I am the Vedic sacrifice; I am the Vedic spiritual fire ritual; I am the oblation of food offered to the ancestors; I am the medicinal herbs; I am the sacred Mantras; I am the melted butter poured into the holy fire; I am the fire of the sacrificial fire-ceremony; and I am the offering in a yajna. (9:16)