Jnana Karma Sannyasa Yoga
ज्ञान कर्म संन्यास योग
किं कर्म किमकर्मेति कवयोऽप्यत्र मोहिताः। तत्ते कर्म प्रवक्ष्यामि यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्॥ 4:16॥
किम् कर्म, किम् अकर्म, इति कवयः अपि अत्र मोहिताः, तत् ते कर्म प्रवक्ष्यामि, यत् ज्ञात्वा मोक्ष्यसे अशुभात्।
कर्म (कर्म) किम् (क्या) अकर्म (अकर्म) किम् (क्या) इति (इसका) अत्र (यहाँ) कवयः (ज्ञानी लोग) अपि (भी) मोहिताः (भ्रमित हो जाते हैं) तत् (वह) कर्म (कर्म) ते (तुम्हें) प्रवक्ष्यामि (बताऊँगा) यत् (जो) ज्ञात्वा (जानकर) अशुभात् (अशुभ से) मोक्ष्यसे (मुक्त हो जाओगे)।
Hindi
कर्म क्या है, और अकर्म क्या है, इसका निर्णय करने में बुद्धिमान मनुष्य भी भ्रम में पड़ जाते हैं। इसलिए, वह कर्म-तत्त्व मैं तुम्हें भलीभाँति समझाकर कहूँगा, जिसे जानकर तुम अशुभ से, {अकल्याण से, कर्म-बंधन से}, मुक्त हो जाओगे।
English
In understanding what karma (action) is and what akarma is, even the intelligent get perplexed. I will tell you what karma is, paving the way to liberation from all evil. (4:16)