Jnana Karma Sannyasa Yoga
ज्ञान कर्म संन्यास योग
एवं ज्ञात्वा कृतं कर्म पूर्वैरपि मुमुक्षुभिः। कुरु कर्मैव तस्मात्त्वं पूर्वैः पूर्वतरं कृतम्॥ 4:15॥
एवम् ज्ञात्वा कृतम् कर्म पूर्वैः अपि मुमुक्षुभिः, कुरु कर्म एव तस्मात् त्वम्, पूर्वैः पूर्व-तरम् कृतम्।।
पूर्वैः (पूर्व के) मुमुक्षुभिः (मुक्ति की इच्छा रखने वालों द्वारा) अपि (भी), एवम् (इस प्रकार) ज्ञात्वा (जानकर) कर्म (कर्म) कृतम् (किया गया) तस्मात् (इसलिए) त्वम् (तुम) पूर्वैः (पूर्व के) पूर्व-तरम् कृतम् (सदा से किए जाने वाले) कर्म (कर्म) एव (ही) कुरु (करो)।
Hindi
पूर्वकाल के मुक्ति चाहने वालों ने भी इस प्रकार जानकर ही कर्म किए हैं। इसलिए तुम भी पूर्व के उन लोगों द्वारा सदा से किए जाने वाले कर्मों को ही करो।
English
Knowing this, in the past, those who sought Nirvāna— liberation from birth and death—performed all actions on these lines; so, you should also act as those sages of the ancient times acted. (4:15)