2:12श्रीभगवानुवाच

Sankhya Yoga

सांख्य योग

Sanskrit Shloka

न त्वेवाहं जातु नासं न त्वं नेमे जनाधिपाः। न चैव न भविष्यामः सर्वे वयमतः परम् ॥ 2:12॥

Padacheeda (Word-by-Word)

न तु एव अहम् जातु न आसम्, न त्वम्, न इमे जन-अधिपाः, न च एव न भविष्यामः सर्वे वयम् अतः परम्।

Anvaya (Construction)

न (न) तु (तो) एव (ही) अहम् (मैं) जातु (किसी काल में) न (नहीं)आसम् (था) त्वम् (तू) न (नहीं) इमे (ये) जन-अधिपाः (राजा लोग) न (नहीं) च (और) न (न) एव (ही) अतः (इससे) परम् (आगे) वयम् (हम) सर्वे (सब) न (नहीं) भविष्यामः (रहेंगे)।

Meaning

Hindi

वास्तव में न तो ऐसा ही है कि मैं किसी काल में नहीं था अथवा तुम नहीं थे अथवा ये राजालोग नहीं थे, और न ऐसा ही है कि इससे आगे हम सब नहीं रहेंगे।


English

There never was a time when you, I, or these monarchs did not exist; nor will there be a time when we will cease to be. (2:12)