11:51श्रीभगवानुवाच
Vishwarupa Darshana Yoga
विश्वरूप दर्शन योग
Sanskrit Shloka
दृष्ट्वेदं मानुषं रूपं तव सौम्यं जनार्दन । इदानीमस्मि संवृत्तः सचेताः प्रकृतिं गतः॥ 11:51॥
Padacheeda (Word-by-Word)
दृष्ट्वा इदम् मानुषम् रूपम् तव सौम्यम् जनार्दन; इदानीम् अस्मि सम्-वृत्तः स-चेताः प्रकृतिम् गतः।
Anvaya (Construction)
जनार्दन (हे जनार्दन)! तव (आपका) इदम् (यह) सौम्यम् (मृदु) मानुषम् रूपम् (मानव रूप) दृष्ट्वा (देखकर) इदानीम् (अब) स-चेताः (स्थिर चित्त से) सम्-वृत्तः (हो गया) अस्मि (हूँ), प्रकृतिम् (अपनी प्रकृति को) गतः (प्राप्त हो गया हूँ)।
Meaning
Hindi
हे जनार्दन! आपके इस सौम्य मनुष्य रूप को देख कर अब मैं शांतचित्त हुआ अपने सहज भाव में आ गया हूँ!
English
O, Janārdana! Seeing you once more in your benevolent human form, I have regained my composure and now feel like my true self. (11:51)
Commentary
Hindi
False