Vishwarupa Darshana Yoga
विश्वरूप दर्शन योग
यथा नदीनां बहवोऽम्बुवेगाः समुद्रमेवाभिमुखा द्रवन्ति। तथा तवामी नरलोकवीरा विशन्ति वक्त्राण्यभिविज्वलन्ति॥ 11:28॥
यथा नदीनाम् बहवः अम्बु-वेगाः समुद्रम् एव अभि-मुखाः द्रवन्ति, तथा-तव अमी नर-लोक-वीराः विशन्ति वक्त्राणि अभि-वि-ज्वलन्ति।
यथा (जैसे) नदीनाम् (नदियों की) बहवः (अनेक) अम्बु-वेगाः (जल-धाराएँ) समुद्रम् (समुद्र के) एव (ही), अभि-मुखाः (मुख करके) द्रवन्ति (प्रवाहित होती हैं) तथा (वैसे) अमी (ये) नर-लोक-वीराः (मनुष्य लोक के वीर) तव (आपके) अभि-वि-ज्वलन्ति प्रज्वलित) वक्त्राणि (मुखों में) विशन्ति (प्रवेश कर रहे हैं)।
Hindi
जैसे नदियों के जल-प्रवाह समुद्र की ओर वेग से दौड़ते हैं, वैसे ही नरलोक के वीर आपके प्रज्वलित मुखों में तेजी से प्रविष्ट हो रहे हैं!
English
The brave warriors of the world rush into your blazing mouth like the waters of the rivers race toward the ocean. (11:28)
Hindi
False