11:14सञ्जय उवाच
Vishwarupa Darshana Yoga
विश्वरूप दर्शन योग
Sanskrit Shloka
ततः स विस्मयाविष्टो हृष्टरोमा धनञ्जयः । प्रणम्य शिरसा देवं कृताञ्जलिरभाषत॥ 11:14॥
Padacheeda (Word-by-Word)
ततः सः विस्मय-आविष्टः, हृष्ट-रोमा धनञ्जयः, प्रणम्य शिरसा देवम्, कृत-अञ्जलिः अभाषत।।
Anvaya (Construction)
ततः (तब) सः (वह) विस्मय-आविष्टः (आश्चर्य-चकित) हृष्ट-रोमा (रोमांचित) धनञ्जयः (धनञ्जय) देवम् (देव को) शिरसा (सिर से), प्रणम्य (नमस्कार करके) कृत-अञ्जलिः (दोनों हाथ जोड़कर) अभाषत (बोला)।
Meaning
Hindi
उसके बाद आश्चर्य से चकित और हर्ष से रोमांचित धनंजय ने भगवान को नतमस्तक हो करबद्ध प्रणाम करते हुए कहा–
English
Overwhelmed with wonder, his hair standing on end, palms pressed together, and head bowed in deep reverence before the Lord, Dhananjaya addressed Him thus: (11:14)
Commentary
Hindi
False