Jnana Vijnana Yoga
ज्ञान विज्ञान योग
बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते। वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः॥ 7:19॥
बहूनाम् जन्मनाम् अन्ते, ज्ञान-वान् माम् प्र-पद्यते; वासुदेवः सर्वम् इति, सः महा-आत्मा सु-दुर्लभः।
बहूनाम् (कई) जन्मनाम् (जन्मों के) अन्ते (अन्त में) ज्ञान-वान् (ज्ञानी व्यक्ति) सर्वम् (सब कुछ) वासुदेवः (वासुदेव ही है) इति (इस प्रकार) माम् (मेरी) प्र-पद्यते (शरण में आता है) सः (वह) महा-आत्मा (महान आत्मा) सु-दुर्लभः (अत्यन्त दुर्लभ है)।
Hindi
बहुत जन्मों के अंत में 'सब-कुछ वासुदेव है'—सब-कुछ ईश्वर ही है—इस प्रकार जानकर जो तत्त्व-ज्ञान-प्राप्त व्यक्ति मुझको भजे, ऐसा महात्मा अत्यंत दुर्लभ है।
English
After many births and deaths, those who are spiritually enlightened come to Me, realizing that I am the essence of all existence. Such great souls are rare to find. (7:19)