Atma Samyama Yoga
आत्म संयम योग
अयतिः श्रद्धयोपेतो योगाच्चलितमानसः। अप्राप्य योगसंसिद्धिं कां गतिं कृष्ण गच्छति॥ 6:37॥
अ-यतिः, श्रद्धया उपेतः, योगात्-चलित-मानसः, अ-प्राप्य योग-सम्-सिद्धिम्, काम् गतिम् कृष्ण गच्छति?
कृष्ण (हे कृष्ण)! श्रद्धया उपेतः (जो श्रद्धावान है किंतु) अ-यतिः (आत्म-नियंत्रित नहीं है) योगात्-चलित-मानसः (योग से जिसका मन हट गया है) योग-सम्-सिद्धिम् (योग की संसिद्धि को) अ-प्राप्य (प्राप्त न करके) काम् (किस) गतिम् (गति को) गच्छति (प्राप्त करता है)?
Hindi
हे श्रीकृष्ण! श्रद्धा-पूर्वक लगा हुआ योगी, जो योग से विचलित होकर असफल हो जाता है, योग-संसिद्धि—आत्म-साक्षात्कार अथवा ईश्वर के दर्शन—को न प्राप्त होकर किस परिणति को प्राप्त होता है?
English
O, Krishna! What becomes of a Yogi who earnestly embarks on the path of Yoga but finds his mind straying midway, thus failing to attain the desired Self-realization? (6:37)