Sankhya Yoga
सांख्य योग
तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्। विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः ॥ 2:1॥
तम् तथा कृपया-आविष्टम्, अश्रु-पूर्ण आकुल-ईक्षणम्, विषीदन्तम्, इदम् वाक्यम् उवाच मधु-सूदनः—
तथा (वैसी) कृपया (दीनता से) आविष्टम् (व्याप्त हुए) अश्रु-पूर्ण-आकुल-ईक्षणम् (आँसुओं के कारण जिसके नेत्र आकुल हों) विषीदन्तम् (जो कि विषाद कर रहे) तम् (उस अर्जुन के प्रति) मधु-सूदनः (मधुसूदन) इदम् (यह) वाक्यम् (वचन) उवाच (बोले)—
Hindi
इस प्रकार करुणा और आँसुओं से भरे व्याकुल नेत्रों वाले शोक-संतप्त अर्जुन से मधुसूदन श्रीकृष्ण ने ये वचन कहे :
English
To Arjuna, whose eyes brimmed with tears, deeply moved by compassion and lost in melancholy, Madhusudana, spoke the following words: (2:1)
English
"Madhusudana" is a name given to Krishna, as he had destroyed a monster called "Madhu."