18:1अर्जुन उवाच

Moksha Sannyasa Yoga

मोक्ष संन्यास योग

Sanskrit Shloka

संन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम्। त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन॥ 18:1॥

Padacheeda (Word-by-Word)

सन्न्यासस्य महा-बाहो तत्त्वम् इच्छामि वेदितुम्, त्यागस्य च हृषीक-ईश पृथक् केशि-निषूदन!

Anvaya (Construction)

महा-बाहो (हे महाबाहो)! हृषीक-ईश (इंद्रियों के स्वामी), केशि-निषूदन (केशी दानव का संहार करने वाले), सन्न्यासस्य (सन्न्यास का) च (और) त्यागस्य (त्याग का) तत्त्वम् (तत्व) पृथक् (अलग-अलग) वेदितुम् (जानने के लिए) इच्छामि (मैं इच्छा करता हूँ)।

Meaning

Hindi

हे बलशाली भुजाओं वाले श्रीकृष्ण! हे इंद्रियों के स्वामी! हे केशी राक्षस को मारने वाले श्रीकृष्ण! मैं {कर्मों से} संन्यास और {कर्म-फलों के} त्याग के तत्त्व को अलग-अलग जानना चाहता हूँ।


English

O, Mighty-armed Krishna! O, Master of the Senses! O, Destroyer of the Demon Keshi! I wish to understand the distinctions between sannyāsa and tyāga separately. (18:1)