Shraddhatraya Vibhaga Yoga
श्रद्धात्रय विभाग योग
विधिहीनमसृष्टान्नं मन्त्रहीनमदक्षिणम्। श्रद्धाविरहितं यज्ञं तामसं परिचक्षते॥ 17:13॥
विधि-हीनम्, अ-सृष्ट-अन्नम्, मन्त्र-हीनम्, अ-दक्षिणम्, श्रद्धा-वि-रहितम् यज्ञम् तामसम् परि-चक्षते।
विधि-हीनम् (विधि के बिना), अ-सृष्ट-अन्नम् (जो भोजन पहले ईश्वर या संतों को अर्पित नहीं किया गया), मन्त्र-हीनम् (मंत्रों के बिना), अ-दक्षिणम् (दान-दक्षिणा के बिना), श्रद्धा-वि-रहितम् (श्रद्धा से रहित) यज्ञम् (धार्मिक अनुष्ठान) तामसम् (तामस) परि-चक्षते (सतर्क होकर देखते हैं)।
Hindi
शास्त्र-विधि से रहित, अन्न-दान के बिना, बिना मंत्रों और दक्षिणा के, तथा बिना श्रद्धा के किए जाने वाले यज्ञों को तामस यज्ञ कहते हैं।
English
Yajnas, performed without following the rules {of the scriptures}, without distributing free food, without incantation, without paying due honorarium (dakshinā) to the priests, and without faith and reverence, are called Tāmasic yajna. (17:13)