11:7श्रीभगवानुवाच

Vishwarupa Darshana Yoga

विश्वरूप दर्शन योग

Sanskrit Shloka

इहैकस्थं जगत्कृत्स्नं पश्याद्य सचराचरम् । मम देहे गुडाकेश यच्चान्यद् द्रष्टुमिच्छसि॥ 11:7॥

Padacheeda (Word-by-Word)

इह एक-स्थम् जगत् कृत्स्नम् पश्य अद्य स-चर-अचरम्म म देहे, गुडाकेश, यत् च अन्यत् द्रष्टुम् इच्छसि।

Anvaya (Construction)

गुडाकेश (हे निद्रा पर विजय प्राप्त करने वाले)! अद्य (अब) इह (अब) मम (मेरे) देहे (शरीर में) एक-स्थम् (एक स्थान में) स-चर-अचरम् (सभी गतिशील और स्थिर चीज़ों सहित) कृत्स्नम् जगत् (सम्पूर्ण जगत) पश्य (देखो), अन्यत् (और कुछ) च (भी) यत् (जो) द्रष्टुम् (देखने) इच्छसि (की इच्छा रखते हो)।

Meaning

Hindi

हे गुडाकेश! अब मेरे शरीर में स्थित चर-अचर—जीवित और निर्जीव—सहित समस्त ब्रह्मांड को देखो, तथा अन्य जो कुछ देखना चाहते हो, देखो!


English

O Gudākesha—the conqueror of sleep—now you may perceive within My Body, in a single place, the entire cosmos—everything in motion or at rest—and whatever else you desire to behold. (11:7)

Commentary

Hindi

False