Vibhuti Yoga
विभूति योग
बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम् । मासानां मार्गशीर्षोऽहमृतूनां कुसुमाकरः ॥ 10:35॥
बृहत्-साम तथा साम्नाम्, गायत्री छन्दसाम् अहम्, मासानाम् मार्गशीर्षः अहम्, ॠतूनाम् कुसुम-आकरः।
तथा (और) साम्नाम् (गायन करने-योग्य श्रुतिओं में) अहम् (मैं) बृहत्-साम (बृहत् साम), छन्दसाम् (छंदों में) गायत्री (गायत्री छंद), मासानाम् (महीनों में) मार्गशीर्षः (मार्गशीर्ष माह), ॠतूनाम् (ऋतुओं में) कुसुम-आकरः (वसंत) अहम् (मैं)।
Hindi
सामवेद के गीतों में मैं बृहत्साम, छंदों में गायत्री छंद, महीनों में मार्ग-शीर्ष और समस्त ॠतुओं में वसन्त हूँ।
English
Among the songs of the Sāmaveda, I am the Brihatsāma; among poetic meters, I am the Gāyatri; among months, I am Mārgashirsha; and among seasons, I am the flower-blooming Spring season. (10:35)
Hindi
सामवेद विभिन्न देवों द्वारा गाए जाने वाले गीतों का संग्रह है। इन गीतों में से एक बृहत्साम है, जिसकी ध्वनि सुमधुर है और जो अर्धरात्रि में गाया जाता है। मार्गशीर्ष के पवित्र महीने को प्रथम स्थान इसलिए भी दिया गया क्योंकि उन दिनों मार्गशीर्ष से ही वर्ष के महीने गिनने की रीति थी। इसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। अंगरेज़ी कैलेंडर के हिसाब से यह नवंबर–दिसंबर में पड़ता है (कुछ दक्षिण प्रदेशों में समय का थोड़ा फ़र्क देखा जाता है)।
English
In India, the month of Mārgashirsha falls between November and December. In ancient times the counting of months began from this month. That may be one reason the Lord calls Himself the Month of Mārgashirsha. This is also called Agahana or Agrahāyana.