Arjuna Vishada Yoga
अर्जुन विषाद योग
अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम। नायका मम सैन्यस्य सञ्ज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते ॥ 1:7॥
अस्माकम् तु वि-शिष्टाः ये, तान् नि-बोध, द्विज-उत्तम। नायकाः मम सैन्यस्य, सञ्ज्ञा-अर्थम् तान् ब्रवीमि ते।
द्विजोत्तम (द्विजों में श्रेष्ठ) अस्माकम् (हमारे) तु (भी) ये (जो) विशिष्टाः (खास-खास हैं) तान् (उनको) निबोध (जान लीजिए); ते (आपको) सञ्ज्ञा अर्थम् (जानकारी के लिए) मम (मेरी) सैन्यस्य (सेना के) नायकाः (नायक) तान् (उनको) ब्रवीमि (बतलाता हूँ)।
Hindi
हे द्विजोत्तम! अपने पक्ष में भी जो विशिष्ट हैं, उनको आप जान लीजिए। आपकी जानकारी के लिए मेरी सेना के जो-जो नायक हैं, उनके बारे में बतलाता हूँ।
English
Esteemed luminary of our society, allow me to list the names of the most illustrious warrior generals in our army for your enlightenment. (1:7)