Atma Samyama Yoga
आत्म संयम योग
योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः॥ 6:10॥
योगी युञ्जीत सततम् आत्मानम्—रहसि स्थितः एकाकी—यत-चित्त-आत्मा, निर्-आशीः, अ-परिग्रहः।
यत-चित्त-आत्मा (जिसका चित्त और आत्मा वश में है) निर्-आशीः (आशा-रहित) अ-परिग्रहः (संग्रह-रहित) योगी (योगी), एकाकी रहसि (अकेला एकांत स्थान में) स्थितः (स्थापित हो कर) आत्मानम् (स्वयं को) सततम् (लगातार) युञ्जीत (साधना में लीन करे)।
Hindi
स्वयं को—अपने चित्त को—जीत कर रखने वाला, आशाओं-अपेक्षाओं से मुक्त, भोग की वस्तुओं के संग्रह से परे {ध्यान-} योगी अकेला एकांत स्थान में स्थित होकर आत्मा को निरंतर ध्यान और आत्मानुसंधान में लगावे।
English
Mastering his body and mind, divesting himself of all dispensable belongings, harboring no expectations, the {Meditative} Yogi should retreat to a solitary place and unceasingly strive to access the Real Self within. (6:10)